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		<title>मौसम में अचानक बदलाव, 7 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 05:39:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[फरवरी महीने के अंतिम दिनों में मौसम में अचानक और असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि देश के कई हिस्सों में तापमान में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और कुछ क्षेत्रों में यह 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। इसके साथ ही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="68" data-end="549">फरवरी महीने के अंतिम दिनों में मौसम में अचानक और असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है। <strong data-start="153" data-end="194">इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD)</strong> ने चेतावनी जारी की है कि देश के कई हिस्सों में तापमान में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और कुछ क्षेत्रों में यह <strong data-start="303" data-end="325">36 डिग्री सेल्सियस</strong> तक पहुँच सकता है। इसके साथ ही कई राज्यों में बादल, बारिश और तेज हवाएँ आम जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों, यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।</p>
<p data-start="551" data-end="960">उत्तर-पश्चिमी भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से <strong data-start="606" data-end="632">3 से 5 डिग्री सेल्सियस</strong> अधिक रहने की संभावना है। इस गर्मी के चलते लोग होली से पहले ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस करेंगे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव आने वाले गर्मी के मौसम का संकेत हो सकता है और इससे गर्मी की तीव्रता और अवधि पर असर पड़ सकता है। इस दौरान हवा की दिशा और गति में बदलाव होने से तापमान और उमस में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।</p>
<p data-start="962" data-end="1399">वहीं, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD ने <strong data-start="1054" data-end="1082">7 राज्यों में भारी बारिश</strong> की चेतावनी जारी की है, जिससे किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश मौसम में अस्थिरता का संकेत है और कुछ क्षेत्रों में तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि के मामले भी सामने आ सकते हैं। इस वजह से ज़मीन की नमी, फसल की सुरक्षा और यातायात की स्थिति पर असर पड़ सकता है।</p>
<p data-start="1401" data-end="1810">इस समय दो कमजोर <strong data-start="1417" data-end="1436">पश्चिमी विक्षोभ</strong> सक्रिय हैं। इनका असर हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के रूप में देखा जाएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ये प्रणालियाँ आने वाले दिनों में और बदलाव ला सकती हैं, जिससे न केवल तापमान में उतार-चढ़ाव होगा बल्कि बारिश और तूफान जैसी घटनाएँ भी हो सकती हैं। इस कारण सरकारी एजेंसियों ने भी स्थानीय प्रशासन से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्क रहने का निर्देश दिया है।</p>
<p data-start="1812" data-end="2124">देशभर में चल रही तेज हवाएँ (20-25 किमी/घंटा) कुछ क्षेत्रों में राहत देने के साथ-साथ मुश्किलें भी पैदा कर सकती हैं। यह स्थिति <strong data-start="1937" data-end="1985">खेती-बाड़ी, यात्रा और त्योहारों की तैयारियों</strong> पर असर डाल सकती है। विशेष रूप से होली के मौसम में सड़क पर सावधानी बरतना और बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।</p>
<p data-start="2126" data-end="2576">IMD ने चेतावनी दी है कि मौसम में यह तेज बदलाव जलवायु पैटर्न में बड़े बदलाव का संकेत हैं। अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अपने दैनिक कार्यक्रम, कृषि कार्य और यात्रा योजनाओं में बदलाव करने और सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतनी चाहिए। साथ ही, प्रशासन को आपातकालीन सेवाओं और राहत कार्यों को तैयार रखना चाहिए ताकि किसी भी आपदा या असामान्य मौसम की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।</p>
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		<title>Harayana Weather – पश्चिमी विक्षोभ हो रहा एक्टिव, 26 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश व तेज हवाओं की संभावना बढ़ेगी ठंड..</title>
		<link>https://newsoneonline.com/harayana-weather-pascimi-viksobha-ho-raha-ektiva-26-janavari-se-pascimi-viksobha-ke-asara-se-barisa-va-teja-hava-om-ki-sambhavana-barhegi-thanda/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 05:29:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[Haryana Weather : हरियाणा में कड़ाके की ठंड, 27 जनवरी से बारिश का अलर्ट हरियाणा में इन दिनों ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिन हो या रात, ठंडी हवाओं ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित कर दी है। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा की चुभन से राहत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading"><strong>Haryana Weather : हरियाणा में कड़ाके की ठंड, 27 जनवरी से बारिश का अलर्ट</strong></h2>
 

हरियाणा में इन दिनों ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिन हो या रात, ठंडी हवाओं ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित कर दी है। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा की चुभन से राहत नहीं मिल रही है और तापमान लगातार गिरता जा रहा है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जिससे लोग पूरे दिन ठंड से जूझते नजर आ रहे हैं।

 

&nbsp;

 
<h3 class="wp-block-heading"><strong>महेंद्रगढ़ में सबसे कम तापमान</strong></h3>
 

मौसम विभाग (IMD) चंडीगढ़ के अनुसार, 25 जनवरी को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में सबसे कम न्यूनतम तापमान <strong>1.9 डिग्री सेल्सियस</strong> दर्ज किया गया। वहीं पलवल जिले में अधिकतम तापमान <strong>19.2 डिग्री सेल्सियस</strong> रिकॉर्ड किया गया।

 

&nbsp;

 

आज यानी 26 जनवरी की सुबह प्रदेश का औसत तापमान करीब <strong>9 डिग्री सेल्सियस</strong> रहा, जबकि अंबाला जिले में सुबह का तापमान <strong>7 डिग्री सेल्सियस</strong> दर्ज किया गया।

 

&nbsp;

 
<h3 class="wp-block-heading"><strong>26 जनवरी को कोई अलर्ट नहीं</strong></h3>
 

मौसम विभाग ने आज 26 जनवरी के लिए प्रदेश में किसी भी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। इसके चलते सुबह से ही अधिकांश इलाकों में धूप खिली हुई है। हालांकि राहत ज्यादा देर तक नहीं रहने वाली है।

 

&nbsp;

 
<h3 class="wp-block-heading"><strong>पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम</strong></h3>
 

मौसम विभाग के अनुसार, आज रात से एक नया <strong>पश्चिमी विक्षोभ</strong> हरियाणा और आसपास के राज्यों को प्रभावित करेगा। इसके कारण आने वाले दिनों में बारिश, तेज हवाएं और ठंड में और इजाफा देखने को मिल सकता है।

 

&nbsp;

 

कृषि मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट <strong>डॉ. चंद्रशेखर</strong> के मुताबिक, आज पंचकूला और यमुनानगर के आसपास हल्की बारिश की संभावना है।

 

&nbsp;

 
<h3 class="wp-block-heading"><strong>27–28 जनवरी को बारिश और बढ़ेगी ठंड</strong></h3>
 

IMD के अनुसार, 26 जनवरी की शाम से मौसम में बदलाव शुरू होगा और <strong>27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय</strong> होगा। इससे हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।

 

&nbsp;

 

27 जनवरी की बारिश के बाद और 28 जनवरी से हवाओं की दिशा बदलेगी, जिससे तापमान में एक बार फिर गिरावट आएगी और ठंड और तेज हो जाएगी।

 

&nbsp;

 
<h3 class="wp-block-heading"><strong>29 से 31 जनवरी तक कैसा रहेगा मौसम</strong></h3>
 
<ul class="wp-block-list">
 	<li><strong>29–30 जनवरी:</strong> मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा, लेकिन कोहरा और ठंड का असर बना रहेगा</li>
 
 	<li><strong>31 जनवरी:</strong> उत्तर भारत में ठंड बनी रहेगी, सुबह के समय कोहरे की संभावना रहेगी</li>
 
 	<li><strong>1 फरवरी:</strong> दिन ठंडा और हवादार रहेगा, सुबह कोहरा छाया रहेगा और हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है</li>
 	<li></li>
</ul>
 
<h3 class="wp-block-heading"><strong>किसानों और आम लोगों के लिए सलाह</strong></h3>
 

मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करें और फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं।

 

&nbsp;

 

वहीं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे ठंड और खराब मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

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			</item>
		<item>
		<title>सर्दी बढ़ने वाली है! कड़ाके की ठंड के लिए हो जाएं तैयार, UP समेत कई राज्यों में Cold Wave Alert</title>
		<link>https://newsoneonline.com/sardi-barhane-vali-hai-karake-ki-thanda-ke-li-e-ho-ja-em-taiyara-up-sameta-ka-i-rajyom-mem-cold-wave-alert/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 06:40:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[नवंबर का महीना आधा बीत चुका है और अब ठंड ने धीरे-धीरे अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम तो ठंड महसूस हो ही रही है, लेकिन अब दिन की धूप में भी हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। IMD के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नवंबर का महीना आधा बीत चुका है और अब ठंड ने धीरे-धीरे अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम तो ठंड महसूस हो ही रही है, लेकिन अब दिन की धूप में भी हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है। इस बीच <strong>भारतीय मौसम विभाग (IMD)</strong> ने बड़ा अलर्ट जारी किया है।</p>
<p>IMD के मुताबिक <strong>पूर्वी राजस्थान, </strong><strong>मध्य प्रदेश, </strong><strong>छत्तीसगढ़, </strong><strong>उत्तर प्रदेश और झारखंड</strong> में <strong>15 </strong><strong>और 16 </strong><strong>नवंबर</strong> को <strong>शीतलहर (Cold Wave)</strong> चल सकती है। यानी इन राज्यों में अगले 24–36 घंटे में ठंड काफी तेज हो सकती है और तापमान अचानक नीचे जा सकता है।</p>
<h2><strong>24 </strong><strong>घंटे बाद तापमान में </strong><strong>3–4°C </strong><strong>तक गिरावट</strong></h2>
<p>मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल उत्तर भारत में बहुत बड़ी गिरावट नहीं दिखेगी, लेकिन <strong>अगले 24 </strong><strong>घंटे के बाद</strong> कई राज्यों में तापमान <strong>3–4 </strong><strong>डिग्री सेल्सियस</strong> तक गिर सकता है।<br />
कई जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से <strong>3–5 </strong><strong>डिग्री</strong> नीचे जाने की संभावना है।</p>
<p>मध्य प्रदेश में कुछ जगहों जैसे राजगढ़ में तापमान पहले ही <strong>7°C</strong> के आसपास पहुंच चुका है।</p>
<h2><strong>यूपी में बढ़ेगी ठंड</strong><strong>, </strong><strong>शीतलहर + कोहरा दोनों का डबल असर</strong></h2>
<p>उत्तर प्रदेश में ठंड काफी बढ़ने वाली है।</p>
<ul>
<li><strong>लखनऊ, </strong><strong>मेरठ, </strong><strong>मुजफ्फरनगर</strong> जैसे इलाकों में तापमान <strong>11°C </strong><strong>से भी कम</strong> हो सकता है।</li>
<li><strong>कानपुर, </strong><strong>बरेली, </strong><strong>अयोध्या और बाराबंकी</strong> में तापमान <strong>8–10°C</strong> तक गिर सकता है।</li>
<li>शीतलहर के साथ <strong>हल्का कोहरा और धुंध</strong> भी देखने को मिलेगा, जिससे सुबह के समय दृश्यता (visibility) कम रह सकती है।</li>
</ul>
<h2><strong>बिहार भी नहीं बचेगा असर से</strong></h2>
<p>यूपी और झारखंड से आने वाली ठंडी हवाओं का असर <strong>बिहार</strong> पर भी पड़ेगा।</p>
<ul>
<li>कई जिलों में <strong>कोहरा छा सकता है</strong>,</li>
<li>तापमान में <strong>तेजी से गिरावट</strong> की संभावना है,</li>
<li>ठंड अचानक ज्यादा महसूस होने लगेगी।</li>
</ul>
<h2><strong>दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट</strong></h2>
<p>जहां उत्तर भारत ठंड से जूझने वाला है, वहीं दक्षिण भारत में बारिश की चेतावनी है।</p>
<ul>
<li><strong>तमिलनाडु, </strong><strong>केरल और माहे</strong> में <strong>16 </strong><strong>नवंबर तक</strong> भारी बारिश का अलर्ट</li>
<li><strong>आंध्र प्रदेश</strong> में <strong>16–18 </strong><strong>नवंबर</strong> तक तेज बारिश</li>
<li><strong>अंडमान और निकोबार द्वीप</strong> में <strong>18–19 </strong><strong>नवंबर</strong> को भारी बरसात की संभावना</li>
</ul>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, इन राज्यों में Thunderstorm और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।</p>
<h2><strong>हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी </strong><strong>– </strong><strong>उत्तर भारत की ठंड बढ़ेगी</strong></h2>
<p>हिमाचल के पहाड़ी इलाकों, खासकर <strong>कुल्लू</strong>, में हाल की बर्फबारी के बाद वहां का तापमान काफी नीचे चला गया है।<br />
इस बर्फबारी का सीधा असर <strong>उत्तर भारत की ठंड</strong> पर पड़ता है।<br />
यानी आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और यूपी में ठंड और बढ़ सकती है।</p>
<h2><strong>दिल्ली में प्रदूषण + ठंड = दिक्कत और बढ़ेगी</strong></h2>
<p>दिल्ली-एनसीआर का हाल फिलहाल खराब है।</p>
<ul>
<li>कई इलाकों में <strong>AQI 410 </strong><strong>के पार</strong> पहुँच गया है, जो “Severe” कैटेगरी में आता है।</li>
<li>बढ़ती ठंड और कम हवा चलने की वजह से हवा और ज्यादा खराब होने का खतरा है।</li>
<li>लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।</li>
</ul>
<p>नोएडा और गाजियाबाद में भी सुबह-शाम धुंध और Pollution की परत साफ दिख रही है।</p>
<h2><strong>लोगों के लिए ज़रूरी सलाह</strong></h2>
<ul>
<li>गर्म कपड़े जैसे जैकेट, मफलर, कंबल आदि पहले से तैयार रखें।</li>
<li>सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें, खासकर बच्चे और बुजुर्ग।</li>
<li>कोहरे में गाड़ी धीरे चलाएं, Headlights low beam पर रखें।</li>
<li>दिल्ली-एनसीआर में Mask लगाकर निकलें, खासकर अगर AQI “Severe” हो।</li>
<li>जरूरी न हो तो रात में बाहर न निकलें — ठंड और प्रदूषण दोनों हाई रहेंगे।</li>
</ul>
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			</item>
		<item>
		<title>Punjab-Chandigarh में सुबह शाम की ठंड बढ़ी, Mandi Gobindgarh की हवा सबसे polluted</title>
		<link>https://newsoneonline.com/punjab-chandigarh-mem-subaha-sama-ki-thanda-barhi-mandi-gobindgarh-ki-hava-sabase-polluted/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Nov 2025 04:26:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब और चंडीगढ़ में अब ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम के साथ-साथ रातें भी ठंडी होने लगी हैं। लोगों को अब हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले हफ्तेभर तक आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>पंजाब और चंडीगढ़ में अब ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम के साथ-साथ रातें भी ठंडी होने लगी हैं। लोगों को अब हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले हफ्तेभर तक आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।</p>
<p>पिछले 24 घंटों में राज्य के औसत <strong>अधिकतम तापमान में </strong><strong>0.5 </strong><strong>डिग्री की गिरावट</strong> दर्ज की गई है। यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। फिलहाल पंजाब के समराला में सबसे ज्यादा <strong>29.9 </strong><strong>डिग्री सेल्सियस</strong> तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि <strong>अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा</strong>, लेकिन यह सामान्य से <strong>2 </strong><strong>से </strong><strong>4 </strong><strong>डिग्री कम</strong> रह सकता है।</p>
<p><strong>हवा में बढ़ता प्रदूषण</strong></p>
<p>जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रदूषण का असर भी बढ़ता जा रहा है। पंजाब की वायु गुणवत्ता (Air Quality) की बात करें तो <strong>मंडी गोबिंदगढ़</strong> की हवा इस समय सबसे ज्यादा खराब पाई गई है। यहां सुबह 6 बजे <strong>AQI 206</strong> दर्ज किया गया, जो “खराब” श्रेणी में आता है।</p>
<p>अन्य शहरों की वायु स्थिति इस प्रकार रही:</p>
<ul>
<li><strong>अमृतसर:</strong> AQI 114</li>
<li><strong>बठिंडा:</strong> AQI 192</li>
<li><strong>जालंधर:</strong> AQI 158</li>
<li><strong>खन्ना:</strong> AQI 169</li>
<li><strong>लुधियाना:</strong> AQI 163</li>
<li><strong>पटियाला:</strong> AQI 128</li>
<li><strong>रूपनगर:</strong> AQI 84</li>
</ul>
<p>वहीं, <strong>चंडीगढ़ की हवा फिलहाल साफ है।</strong> शहर के तीनों मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI <strong>72 </strong><strong>से </strong><strong>83</strong> के बीच दर्ज किया गया, जो “अच्छा” (Good) श्रेणी में माना जाता है।</p>
<p><strong>पराली जलाने से बढ़ी परेशानी</strong></p>
<p>पंजाब में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण <strong>पराली जलाना (</strong><strong>Stubble Burning)</strong> बना हुआ है। सरकार की कोशिशों के बावजूद किसानों द्वारा पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।</p>
<p><strong>15 </strong><strong>सितंबर से </strong><strong>11 </strong><strong>नवंबर तक कुल </strong><strong>4507 </strong><strong>पराली जलाने के मामले दर्ज</strong> किए गए हैं। जबकि <strong>31 </strong><strong>अक्टूबर तक सिर्फ </strong><strong>1642 </strong><strong>केस</strong> सामने आए थे। यानी, <strong>पिछले </strong><strong>11 </strong><strong>दिनों में ही रिकॉर्ड संख्या में पराली जलाई गई है।</strong></p>
<p>इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह <strong>गेहूं की बुआई शुरू होना</strong> है। किसान खेत जल्दी खाली करने के लिए पराली जलाने का सहारा ले रहे हैं।</p>
<p>राज्य सरकार की ओर से इस पर सख्ती भी की जा रही है —</p>
<ul>
<li>अब तक <strong>1147 </strong><strong>केसों में जुर्माना लगाया गया</strong> है।</li>
<li>कुल <strong>1 </strong><strong>करोड़ रुपए का जुर्माना</strong>, जिसमें से <strong>92 </strong><strong>लाख रुपए वसूले जा चुके हैं।</strong></li>
<li><strong>781 </strong><strong>नोडल अफसर</strong> पराली जलाने की निगरानी और रोकथाम के लिए तैनात हैं।</li>
</ul>
<p><strong>आने वाले दिनों का मौसम</strong></p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार आने वाले <strong>सात दिनों तक आसमान साफ रहेगा</strong>, किसी भी तरह की बारिश की संभावना नहीं है। तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहेगा, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रहेगी।</p>
<p>पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम सुहाना जरूर हो रहा है, लेकिन <strong>प्रदूषण की समस्या</strong> लोगों की सेहत के लिए खतरा बनती जा रही है। सरकार की अपील है कि किसान पराली न जलाएं और वैकल्पिक उपाय अपनाएं। वहीं, लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय मास्क लगाने और सर्दी से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>Montha के कमजोर पड़ते ही बढ़ा Pollution: Punjab में रात का तापमान सामान्य से 3°C ज्यादा, जल्द गिरेगा पारा</title>
		<link>https://newsoneonline.com/montha-ke-kamajora-parate-hi-barha-pollution-punjab-mem-rata-ka-tapamana-saman-ya-se-3-c-jyada-jalda-girega-para/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Oct 2025 05:22:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[चक्रवाती तूफान मोंथा  के कमजोर पड़ने के बाद पंजाब में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां कुछ दिन पहले तक ठंडी हवाओं का असर था, वहीं अब तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तापमान बढ़ने के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ा है। मौसम विभाग के आंकड़ों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चक्रवाती तूफान <em>मोंथा</em>  के कमजोर पड़ने के बाद पंजाब में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां कुछ दिन पहले तक ठंडी हवाओं का असर था, वहीं अब तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तापमान बढ़ने के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ा है।</p>
<p>मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब का अधिकतम तापमान औसतन 1.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 0.6 डिग्री बढ़ा है। इसके चलते रात का तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री तक अधिक बना हुआ है। यानी दिन और रात, दोनों समय अब पहले की तुलना में गर्मी ज्यादा महसूस की जा रही है।</p>
<p><strong>हवा की रफ्तार घटी, </strong><strong>स्मॉग ने बढ़ाई परेशानी</strong><br />
मोंथा के कमजोर होने के बाद अब हवाओं की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है और दिशा बदलने से वातावरण में धुंध (Smog) बन रही है। इससे प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। अमृतसर को छोड़कर लगभग सभी जिलों में AQI (Air Quality Index) यानी हवा की गुणवत्ता बिगड़ चुकी है।<br />
जालंधर की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है, जहां AQI 200 के पार पहुंच चुका है। यही वजह है कि वहां <em>Orange Alert</em> जारी किया गया है।</p>
<p><strong>अगले दो दिन रह सकती है धुंध, </strong><strong>फिर गिरेगा तापमान</strong><br />
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम धुंध बनी रह सकती है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले 2 से 3 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।</p>
<p>इस गिरावट के बाद सुबह और शाम के वक्त ठंडक महसूस होने लगेगी। यानी फिलहाल तो दिन हल्के गर्म बने रहेंगे, लेकिन जल्द ही मौसम एक बार फिर ठंड की ओर मुड़ने वाला है।</p>
<p><strong>लोगों के लिए सलाह</strong><br />
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है, इसलिए सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, खासकर बुजुर्ग, बच्चे और सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोग। घरों में पौधे लगाना और जरूरत पड़ने पर <em>mask</em> का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।</p>
<p><strong>कुल मिलाकर</strong>, मोंथा के कमजोर पड़ते ही पंजाब का मौसम बदल गया है — तापमान बढ़ा है, हवा में स्मॉग बढ़ा है, लेकिन कुछ दिनों में तापमान में गिरावट से राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>Cyclone Montha ने मचाई तबाही: Andhra Pradesh से टकराने के बाद Odisha पहुंचा तूफान, तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित</title>
		<link>https://newsoneonline.com/cyclone-montha-ne-maca-i-tabahi-andhra-pradesh-se-takarane-ke-bada-odisha-pahunca-tuphana-teja-hava-om-aura-barisa-se-janajivana-prabhavita/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Oct 2025 05:55:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[चक्रवात मोन्था (Montha) ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। मंगलवार रात यह तूफान आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से टकराया और बुधवार सुबह ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर बीच तक पहुंच गया। बंगाल की खाड़ी से उठा यह तूफान अब भी कमजोर नहीं पड़ा है, और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चक्रवात <strong>मोन्था (</strong><strong>Montha)</strong> ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। मंगलवार रात यह तूफान <strong>आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट</strong> से टकराया और बुधवार सुबह <strong>ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर बीच</strong> तक पहुंच गया। बंगाल की खाड़ी से उठा यह तूफान अब भी कमजोर नहीं पड़ा है, और दोनों राज्यों में <strong>तेज हवाएं (</strong><strong>80–110 kmph)</strong> और <strong>भारी बारिश</strong> जारी है।</p>
<p><strong>ओडिशा में मोन्था का असर</strong></p>
<p>ओडिशा के <strong>गंजम</strong><strong>, </strong><strong>गजपति</strong><strong>, </strong><strong>रायगढ़ा</strong><strong>, </strong><strong>कोरापुट</strong><strong>, </strong><strong>मलकानगिरी</strong><strong>, </strong><strong>कंधमाल</strong><strong>, </strong><strong>कालाहांडी और नबरंगपुर</strong> जिले चक्रवात की चपेट में हैं।<br />
गोपालपुर और पुरी बीच पर समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिससे समुद्र किनारे रह रहे लोगों के घरों को नुकसान हुआ है। कई जगहों पर <strong>समुद्र की लहरों ने तट की जमीन काट दी</strong> और पानी घरों तक पहुंच गया।</p>
<p>राज्य सरकार ने सतर्कता बरतते हुए अब तक <strong>11 </strong><strong>हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया</strong> है।<br />
<strong>2,048 </strong><strong>राहत केंद्र</strong> (Relief Centres) खोले गए हैं, जहां लोगों को खाना और रहने की सुविधा दी जा रही है।<br />
<strong>ODRF </strong><strong>की </strong><strong>30 </strong><strong>टीम और </strong><strong>NDRF </strong><strong>की </strong><strong>5 </strong><strong>टीम</strong> मौके पर तैनात हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री <strong>मोहन चरण मांझी</strong> ने बताया कि सरकार पूरी तरह तैयार है और राहत कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने कहा, “मोन्था से ओडिशा में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन तटीय इलाकों में सतर्कता रखी जा रही है।”</p>
<p><strong>आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान</strong></p>
<p>मंगलवार शाम करीब <strong>7:30 </strong><strong>बजे से रात </strong><strong>1 </strong><strong>बजे तक (लगभग </strong><strong>5.30 </strong><strong>घंटे)</strong> तक चला <strong>लैंडफॉल प्रोसेस</strong> राज्य के कई जिलों में नुकसान छोड़ गया।<br />
<strong>मछलीपट्टनम</strong><strong>, </strong><strong>कोनासीमा और गुंटूर</strong> जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।</p>
<ul>
<li><strong>43,000 </strong><strong>हेक्टेयर से ज्यादा फसलें</strong> पानी में डूब गई हैं।</li>
<li><strong>83,000 </strong><strong>से ज्यादा किसान प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
<li>सबसे ज्यादा नुकसान <strong>धान और कपास की फसलों</strong> को हुआ है।</li>
<li><strong>पेड़ और बिजली के खंभे</strong> गिरने से कई जगहों पर बिजली सप्लाई ठप है।</li>
</ul>
<p><strong>कोनासीमा जिले</strong> में एक घर पर पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं।<br />
NDRF और प्रशासनिक टीमें लगातार सड़कों से पेड़ हटा रही हैं और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी हैं।</p>
<p><strong>तेलंगाना</strong><strong>, </strong><strong>तमिलनाडु और बंगाल में भी असर</strong></p>
<p><strong>तेलंगाना</strong> में मौसम अचानक बदल गया है। <strong>हैदराबाद समेत कई जिलों</strong> में आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है।<br />
<strong>तमिलनाडु</strong> के <strong>चेन्नई</strong><strong>, </strong><strong>रानीपेट</strong><strong>, </strong><strong>तिरुवल्लूर और कांचीपुरम</strong> जिलों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।<br />
वहीं <strong>पश्चिम बंगाल</strong> में <strong>दार्जिलिंग</strong><strong>, </strong><strong>कलिम्पोंग और </strong><strong>24 </strong><strong>परगना</strong> जैसे जिलों में 31 अक्टूबर तक <strong>भारी बारिश और भूस्खलन (</strong><strong>landslide)</strong> की चेतावनी दी गई है।</p>
<p><strong>राहत और बचाव कार्य जारी</strong></p>
<p><strong>राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (</strong><strong>NDRF)</strong> ने चक्रवात से निपटने के लिए <strong>45 </strong><strong>टीमें तैनात</strong> की हैं।<br />
इनमें से 10 आंध्र प्रदेश, 6 ओडिशा, 3-3 तमिलनाडु और तेलंगाना, 2 छत्तीसगढ़ और 1 पुडुचेरी में हैं।<br />
20 अतिरिक्त टीमों को <strong>स्टैंडबाय पर रखा गया है।</strong></p>
<p><strong>ओडिशा सरकार</strong> ने गर्भवती महिलाओं के लिए भी खास इंतजाम किए हैं।<br />
<strong>मलकानगिरी जिले</strong> में जिन महिलाओं की डिलीवरी अगले 15 दिनों में होनी है, उन्हें सुरक्षित “मां गृह” (जन्म प्रतीक्षा गृह) में रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।</p>
<p><strong>मोन्था पर लगातार नजर</strong></p>
<p><strong>IMD (</strong><strong>भारतीय मौसम विभाग)</strong> के अनुसार, चक्रवात मोन्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।<br />
<strong>डॉपलर वेदर रडार (</strong><strong>DWR)</strong> मछलीपट्टनम और विशाखापट्टनम में लगाए गए हैं।<br />
सैटेलाइट और वेदर स्टेशनों से भी हर पल अपडेट लिया जा रहा है।</p>
<p>IMD के मुताबिक, लैंडफॉल के बाद भी अगले <strong>6 </strong><strong>घंटे तक तूफान की तीव्रता बनी रहेगी</strong>, और बारिश का असर <strong>30 </strong><strong>अक्टूबर तक</strong> दक्षिण ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा।</p>
<p><strong>केंद्र और राज्य सरकार की निगरानी</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>चंद्रबाबू नायडू</strong> से बात कर हालात का जायजा लिया है।<br />
केंद्र ने सभी प्रभावित राज्यों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है।</p>
<p><strong>मोन्था का रास्ता (</strong><strong>Path of Montha)</strong></p>
<p>बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिम हिस्से से उठकर<br />
→ आंध्र प्रदेश (काकीनाडा-मछलीपट्टनम)<br />
→ ओडिशा (गोपालपुर, गंजम)<br />
→ अब यह धीरे-धीरे <strong>छत्तीसगढ़ और झारखंड की ओर बढ़ रहा है।</strong></p>
<p><strong>अब तक की स्थिति एक नजर में</strong></p>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>पहलू</strong></td>
<td><strong>जानकारी</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>तूफान का नाम</td>
<td>मोन्था (Montha)</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित राज्य</td>
<td>आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल</td>
</tr>
<tr>
<td>हवा की रफ्तार</td>
<td>80–110 kmph</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित किसान</td>
<td>83,000+</td>
</tr>
<tr>
<td>फसल नुकसान</td>
<td>43,000 हेक्टेयर (धान और कपास)</td>
</tr>
<tr>
<td>निकाले गए लोग</td>
<td>11,000+</td>
</tr>
<tr>
<td>राहत केंद्र</td>
<td>2,048</td>
</tr>
<tr>
<td>राहत टीमें</td>
<td>NDRF + ODRF = 50+ टीमें</td>
</tr>
<tr>
<td>मौतें</td>
<td>1 (आंध्र प्रदेश)</td>
</tr>
<tr>
<td>घायल</td>
<td>2</td>
</tr>
<tr>
<td>अवधि</td>
<td>लैंडफॉल 5.30 घंटे तक चला</td>
</tr>
<tr>
<td>असर</td>
<td>30 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>चक्रवात <strong>मोन्था</strong> ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में बिजली बंद है, फसलें नष्ट हो गई हैं और राहत कार्य तेजी से जारी हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि ओडिशा में अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>Uttarakhand में Chamoli में Cloudburst, 7 लोग लापता, Mussoorie में 2500 Tourists फंसे; Himachal में 419 मौतें, देशभर में 8% ज्यादा बारिश</title>
		<link>https://newsoneonline.com/uttarakhand-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-chamoli-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-cloudburst-7-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%be-mussoorie-%e0%a4%ae%e0%a5%87/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Sep 2025 05:15:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड में लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। 17 सितंबर की रात चमोली जिले के नंदानगर घाट इलाके में बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। इस हादसे में छह मकान मलबे में दब गए। जानकारी के मुताबिक 7 लोग लापता हैं, जबकि 2 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तराखंड में लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। <strong>17 </strong><strong>सितंबर की रात चमोली जिले के नंदानगर घाट</strong> इलाके में बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। इस हादसे में <strong>छह मकान मलबे में दब गए</strong>। जानकारी के मुताबिक <strong>7 </strong><strong>लोग लापता</strong> हैं, जबकि <strong>2 </strong><strong>लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया</strong> है।</p>
<p>यह <strong>दो दिन में दूसरी बार</strong> है जब उत्तराखंड में बादल फटने की घटना हुई है। इससे पहले <strong>16 </strong><strong>सितंबर</strong> को <strong>देहरादून जिले</strong> में बादल फटा था।</p>
<h3><strong>मसूरी में 2500 </strong><strong>टूरिस्ट फंसे</strong></h3>
<p>भारी बारिश और भूस्खलन (landslide) के कारण <strong>देहरादून से मसूरी जाने वाला 35 </strong><strong>किलोमीटर का रास्ता</strong> कई जगहों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।<br />
इसकी वजह से <strong>लगातार तीसरे दिन करीब 2500 </strong><strong>टूरिस्ट मसूरी में फंसे</strong> हुए हैं।<br />
प्रशासन ने रास्ता खोलने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।</p>
<h3><strong>हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही, 419 </strong><strong>लोगों की मौत</strong></h3>
<p>हिमाचल प्रदेश इस साल मानसून की सबसे बड़ी मार झेल रहा है।<br />
इस सीजन में <strong>बारिश, </strong><strong>बाढ़, </strong><strong>लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ (flash flood)</strong> से अब तक <strong>419 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।<br />
मौसम विभाग ने हिमाचल और उत्तराखंड दोनों राज्यों में <strong>अगले 48 </strong><strong>घंटे के लिए हाई अलर्ट</strong> जारी कर दिया है।<br />
लोगों को पहाड़ी इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।</p>
<h3><strong>देशभर में मानसून की स्थिति</strong></h3>
<ul>
<li><strong>24 </strong><strong>मई</strong> को दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) सबसे पहले केरल पहुंचा था।</li>
<li><strong>17 </strong><strong>सितंबर तक देश में औसतन 8% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हो चुकी है।</li>
<li>मानसून की विदाई राजस्थान (पश्चिम), पंजाब और हरियाणा से शुरू हो गई है।</li>
<li>हालांकि, जाते-जाते मानसून <strong>देश के 7 </strong><strong>राज्यों में तेज बारिश</strong> दे सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>25-26 </strong><strong>सितंबर से फिर भारी बारिश का खतरा</strong></h3>
<p>मौसम विभाग और <strong>ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (GFS)</strong> के मुताबिक,</p>
<ul>
<li><strong>25 </strong><strong>या 26 </strong><strong>सितंबर को बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया (Low Pressure Area)</strong> बनने की संभावना है।</li>
<li>इससे देश के कई राज्यों में <strong>2-3 </strong><strong>दिन तक भारी बारिश</strong> हो सकती है।</li>
</ul>
<p><strong>प्रभावित राज्य:</strong></p>
<ul>
<li>पश्चिम बंगाल</li>
<li>ओडिशा</li>
<li>झारखंड</li>
<li>छत्तीसगढ़</li>
<li>बिहार</li>
<li>पूर्वी उत्तर प्रदेश</li>
<li>मध्य प्रदेश के कई इलाके</li>
</ul>
<p>कुछ जगहों पर <strong>3 </strong><strong>इंच तक बारिश</strong> होने की संभावना है, जिससे बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है।</p>
<h3><strong>अपडेट्स (18 </strong><strong>सितंबर 2025)</strong></h3>
<p><strong><em>उत्तराखंड (नंदानगर</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>चमोली)</em></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone wp-image-25394" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" /></p>
<ul>
<li>बादल फटने के बाद <strong>पूरे नंदानगर घाट इलाके में मलबा भर गया</strong> है।</li>
</ul>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-25395" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-3-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" /></p>
<ul>
<li>6 मकान पूरी तरह से दब गए।</li>
<li><strong>7 </strong><strong>लोग अभी भी लापता</strong> हैं, जबकि 2 लोगों को बचा लिया गया है।</li>
</ul>
<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-25396" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-1-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" /></p>
<ul>
<li>इलाके में <strong>रास्ते टूट गए हैं</strong> और रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है।</li>
</ul>
<p><strong><em>उत्तर प्रदेश (लखनऊ)</em></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>लखनऊ में <strong>7 </strong><strong>साल का बच्चा नाले में गिर गया और बह गया</strong>, खोजबीन जारी है।</li>
<li><strong>41 </strong><strong>जिलों में बारिश का अलर्ट</strong> जारी किया गया है।</li>
<li>पिछले 24 घंटे में <strong>71% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> दर्ज की गई।</li>
</ul>
<p><strong><em>हरियाणा</em></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-25397" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/ezgif-4e076366b576b517581032711758129955_1758160635-300x169.jpg" alt="" width="774" height="436" /></p>
<ul>
<li>इस सीजन में अब तक <strong>39% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है।</li>
<li><strong>यमुनानगर में सबसे ज्यादा 1mm </strong><strong>बारिश</strong>,<br />
जबकि <strong>सिरसा में सबसे कम 346.6mm </strong><strong>बारिश</strong> हुई।</li>
<li>आज <strong>15 </strong><strong>जिलों में बारिश का अलर्ट</strong>।</li>
<li>अब तक <strong>21 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
</ul>
<p><strong><em>मध्य प्रदेश</em></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-25399" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-8-300x169.jpg" alt="" width="772" height="435" /></p>
<ul>
<li>मानसून सीजन में <strong>7% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> दर्ज की गई।</li>
<li>अब तक औसतन <strong>58mm </strong><strong>बारिश</strong> हो चुकी है।</li>
<li>अगले 24 घंटे में नया सिस्टम एक्टिव होगा और फिर से बारिश शुरू होगी।</li>
</ul>
<p><strong><em>छत्तीसगढ़</em></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-25400" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-9-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" /></p>
<ul>
<li>8 जिलों में <strong>यलो अलर्ट</strong>।</li>
<li>इनमें शामिल जिले: गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, कोरबा, जशपुर और रायगढ़।</li>
<li>अब तक प्रदेश में <strong>8mm </strong><strong>बारिश</strong> दर्ज की गई है।</li>
</ul>
<p><strong><em>बिहार</em></strong></p>
<ul>
<li>आज <strong>37 </strong><strong>जिलों में बारिश का यलो अलर्ट</strong> जारी।</li>
<li>उत्तर बिहार के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित।</li>
<li>तापमान <strong>2°C-3°C </strong><strong>तक गिर सकता है</strong>।</li>
</ul>
<p><strong><em>कर्नाटक (यादगिर)</em></strong></p>
<ul>
<li>भारी बारिश से <strong>किसानों की फसलें खराब</strong> हो गई हैं।</li>
</ul>
<p><strong><em>हिमाचल प्रदेश (शिमला)</em></strong></p>
<ul>
<li>शिमला के <strong>रिज मैदान पर घना कोहरा (fog)</strong> छाया रहा।</li>
</ul>
<p><strong><em>उत्तर प्रदेश (झांसी)</em></strong></p>
<ul>
<li><strong>महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के OT </strong><strong>ब्लॉक में 7 </strong><strong>फीट लंबा सांप</strong> घुस गया।</li>
<li>सपेरे ने 45 मिनट की मशक्कत के बाद पकड़ा।</li>
</ul>
<h3><strong>सारांश</strong></h3>
<ul>
<li><strong>उत्तराखंड:</strong> चमोली में बादल फटने से 7 लोग लापता, मसूरी में 2500 टूरिस्ट फंसे।</li>
<li><strong>हिमाचल:</strong> 419 मौतें, 48 घंटे का हाई अलर्ट।</li>
<li><strong>देशभर में मानसून:</strong> 8% ज्यादा बारिश, विदाई शुरू लेकिन अभी भी भारी बारिश का खतरा।</li>
<li><strong>आने वाले दिन:</strong> 25-26 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के कारण 7 राज्यों में तेज बारिश।</li>
</ul>
<p>इस समय पहाड़ी राज्यों और बारिश प्रभावित इलाकों में <strong>प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है</strong>।<br />
जहां-जहां अलर्ट जारी है, वहां लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>देशभर में Monsoon का कहर: Himachal में 350+ मौतें, Punjab- Bihar-Uttarakhand में बाढ़ का संकट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 07:30:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[देश के कई राज्यों में इस मानसून का मौसम बेहद गंभीर स्थिति बना रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश में तबाही इस मानसून सीजन (24 जुलाई – 7 अगस्त) में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देश के कई राज्यों में इस मानसून का मौसम बेहद गंभीर स्थिति बना रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।</p>
<h2><strong>हिमाचल प्रदेश में तबाही</strong></h2>
<p>इस मानसून सीजन (24 जुलाई – 7 अगस्त) में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से अब तक <strong>366 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। राज्य सरकार का अनुमान है कि संपत्ति और फसल का <strong>कुल नुकसान ₹4 </strong><strong>लाख करोड़</strong> से ज्यादा हुआ है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-25217" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-300x169.jpg" alt="" width="698" height="393" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>शिमला में 116% और कुल्लू में 113% बारिश हुई, जो सामान्य से दोगुनी है।</li>
<li>शिमला-ठियोग-रोहड़ू NH-705 पिछले दो दिनों से बंद है, करीब 400 वाहन फंसे हैं, जिनमें से कई सेब से लदे ट्रक हैं।</li>
<li>सिरमौर के नौहराधार में एक पूरा पहाड़ नदी में गिरा, हालांकि कोई बस्ती प्रभावित नहीं हुई।</li>
</ul>
<h2><strong>पंजाब में बाढ़ का असर</strong></h2>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-25218" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/gif171757178592_1757207044-300x169.jpg" alt="" width="651" height="367" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पंजाब के <strong>23 </strong><strong>जिले बाढ़ से प्रभावित</strong> हैं। कुल 1996 गांवों में पानी भर गया है।</p>
<ul>
<li>प्रभावित आबादी: <strong>3,87,013 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong>।</li>
<li>मौतें: अब तक <strong>46 </strong><strong>लोग</strong> बाढ़ की वजह से मरे।</li>
<li>सुरक्षित निकाले गए: <strong>21,854 </strong><strong>लोग</strong>।</li>
<li>राहत शिविर: 219 सक्रिय, 7,377 लोग रह रहे।</li>
<li>फसल प्रभावित: <strong>1,74,454 </strong><strong>हेक्टेयर</strong>, सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर में।</li>
<li>लुधियाना का ससराली बांध खतरे में है, रिंग बांध कटने लगा।</li>
<li>भाखड़ा का जलस्तर गिरा, अगले 3 दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं।</li>
</ul>
<h2><strong>उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश-बाढ़</strong></h2>
<ul>
<li>उत्तरकाशी के नौगांव में शनिवार को <strong>बादल फटा</strong>, सड़क और घरों में पानी और मलबा घुस गया। कई वाहन बह गए।</li>
<li>मथुरा में यमुना नदी शहर से 1 किमी दूर, आश्रमों में 5 फीट तक पानी भरा। वृंदावन परिक्रमा मार्ग भी डूबा।</li>
</ul>
<h2><strong>राजस्थान और गुजरात</strong></h2>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-25219" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-300x169.jpg" alt="" width="561" height="316" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>राजस्थान के राजसमंद में तेज बारिश के कारण NH-162 का आधा हिस्सा बह गया।</li>
<li>उदयपुर में सेना ने ड्रोन का इस्तेमाल कर बाढ़ में फंसे युवक को सुरक्षित निकाला।</li>
<li>चित्तौड़गढ़ में राणा प्रताप सागर बांध के 2 गेट खोलकर पानी छोड़ा।</li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-25220" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/banaskantha_1757228039-300x169.jpg" alt="" width="731" height="412" /></p>
<ul>
<li>गुजरात में 7 जिलों में <strong>रेड अलर्ट</strong>, 18 जिलों में <strong>ओरेंज अलर्ट</strong>।</li>
<li>NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर। साबरकांठा में 9 लोगों को बचाया गया।</li>
</ul>
<h2><strong>हरियाणा और दिल्ली</strong></h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-25221" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-300x169.jpg" alt="" width="710" height="400" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>बहादुरगढ़ में 2 फीट पानी, गलियों में मछलियां तैर रही।</li>
<li>सिरसा में घग्गर का बांध टूट गया।</li>
<li>दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही, कई निचले इलाके बाढ़ से प्रभावित। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।</li>
</ul>
<h2><strong>मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़</strong></h2>
<ul>
<li>इंदौर में अब तक 4mm बारिश, जिले में औसत 38 इंच।</li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-25222" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/ezgif-7bfdba4f3bd5a01757174171_1757222602-300x169.jpg" alt="" width="659" height="371" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<ul>
<li>पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से 111% बारिश हुई।</li>
<li>छत्तीसगढ़ में मानसून का 86% कोटा पूरा, अब तक 9mm बारिश।</li>
</ul>
<h2><strong>जम्मू-कश्मीर</strong></h2>
<ul>
<li>कटरा में वैष्णो देवी यात्रा लगातार 13वें दिन स्थगित।</li>
<li>अर्धकुवारी लैंडस्लाइड में 34 लोगों की मौत।</li>
<li>कटरा-संगलदान के बीच फ्लड स्पेशल ट्रेन सेवा 8–12 सितंबर तक।</li>
</ul>
<h3><strong>मौसम विभाग की चेतावनी</strong></h3>
<ul>
<li>महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में <strong>रेड अलर्ट</strong>, गोवा में <strong>ऑरेंज</strong>, 20 राज्यों में <strong>यलो अलर्ट</strong>।</li>
<li>NDRF और SDRF की टीमें पूरे देश में अलर्ट पर।</li>
</ul>
<p>देशभर में मानसून का असर अब भी जारी है। हिमाचल और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बारिश और बाढ़ ने फसल, संपत्ति और लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। प्रशासन, NDRF, SDRF और सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>Himachal में बारिश का कहर: Malana में Flash Flood से Dam टूटा, Bridge और Heavy Vehicles बहे, Panic Among Locals</title>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Aug 2025 05:50:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भारी बारिश की मार झेल रहा है। शुक्रवार को कुल्लू जिले की मलाणा घाटी में मूसलधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) से हालात बिगड़ गए। बारिश इतनी तेज़ हुई कि मलाणा-1 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का कॉफर डैम आंशिक रूप से टूट गया। डैम टूटते ही तेज़ बहाव [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भारी बारिश की मार झेल रहा है। शुक्रवार को कुल्लू जिले की <strong>मलाणा घाटी</strong> में मूसलधार बारिश के बाद <strong>फ्लैश फ्लड</strong> (अचानक आई बाढ़) से हालात बिगड़ गए। बारिश इतनी तेज़ हुई कि <strong>मलाणा-1 </strong><strong>हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट</strong> का <strong>कॉफर डैम</strong> आंशिक रूप से टूट गया। डैम टूटते ही तेज़ बहाव में एक <strong>हाइड्रा मशीन, </strong><strong>डंपर, </strong><strong>रॉक ब्रेकर, </strong><strong>कैंपर और कार</strong> बह गईं। राहत की बात ये है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।</p>
<p><strong>मलाणा घाटी का संपर्क टूटा</strong></p>
<p>तेज़ बारिश और फ्लैश फ्लड से <strong>मलाणा गांव</strong> का मुख्य रास्ता टूट गया। गांव को जोड़ने वाला लकड़ी का पैदल पुल बह गया, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही रुक गई है। लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द वैकल्पिक पुल या अस्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि गांव का संपर्क फिर से बहाल हो सके।</p>
<p><strong>हाईवे और सड़कें भी बंद</strong></p>
<ul>
<li><strong>चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे</strong> पर मंडी के पास पंडोह डैम से आगे और बगलामुखी रोपवे के पास भूस्खलन (landslide) हुआ। पहाड़ों से बड़ी चट्टानें और मलबा गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई।</li>
<li><strong>मनाली-लेह हाईवे</strong> और <strong>चंबा-मनाली मार्ग</strong> के कई हिस्सों पर भी भूस्खलन और पानी का असर दिखा, जिससे ट्रैफिक रोकना पड़ा।</li>
<li>प्रशासन और <strong>NHAI </strong><strong>की टीमें</strong> मौके पर पहुंच चुकी हैं और मलबा हटाने का काम जारी है। लेकिन फिलहाल, इन रास्तों पर <strong>ट्रैफिक रोक दिया गया है।</strong></li>
</ul>
<p><strong>मौसम विभाग का अलर्ट</strong></p>
<ul>
<li>हिमाचल मौसम विभाग ने <strong>2 </strong><strong>से 5 </strong><strong>अगस्त तक येलो अलर्ट</strong> जारी किया है।</li>
<li>6–7 अगस्त को भी बारिश जारी रहने की संभावना है।</li>
<li>कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।</li>
</ul>
<p><strong>भूस्खलन और बाढ़ का असर</strong></p>
<ul>
<li>पार्वती घाटी में कई <strong>अस्थायी पुल</strong> बह गए हैं।</li>
<li>कुछ जगहों पर सड़क का हिस्सा टूटकर बह गया है।</li>
<li>पार्वती नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।</li>
<li>बिजली की <strong>314 </strong><strong>ट्रांसफॉर्मर यूनिट्स</strong> और <strong>221 </strong><strong>पानी की योजनाएं</strong> प्रभावित हुई हैं।</li>
<li>अब तक हिमाचल में मॉनसून से जुड़े हादसों में <strong>176 </strong><strong>लोगों की मौत हो चुकी है</strong> (सिर्फ कुल्लू में 18 मौतें)।</li>
</ul>
<p><strong>प्रशासन की अपील</strong></p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन (DDMA) ने लोगों से अपील की है कि:</p>
<ul>
<li><strong>नदी-नालों से दूर रहें।</strong></li>
<li><strong>अनावश्यक यात्रा न करें।</strong></li>
<li>प्रशासन की सलाह को गंभीरता से लें।</li>
</ul>
<p><strong>NDRF, SDRF, </strong><strong>पुलिस और होम गार्ड की टीमें</strong> लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं और गांवों में खाने-पीने की चीजें पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p><strong>संक्षेप में:</strong><br />
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मलाणा घाटी में डैम टूटने, पुल बहने और वाहनों के बह जाने से दहशत फैल गई है। कई हाईवे और सड़कें बंद हैं। प्रशासन राहत कार्य कर रहा है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक खतरा टला नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>मौसम की मार: स्कूलों में छुट्टियां, Highway बंद, सरकार ने जारी किए नए आदेश।</title>
		<link>https://newsoneonline.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b8%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9b%e0%a5%81/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[trendstopicnews@gmail.com]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 May 2025 06:39:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[weather]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsoneonline.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b8%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9b%e0%a5%81/</guid>

					<description><![CDATA[दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूर्वोत्तर भारत में भी भारी वर्षा हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूर्वोत्तर भारत में भी भारी वर्षा हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।</p>



<p>कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक लगातार भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। मिजोरम में भूस्खलन के कारण Highway पर यातायात रोक दिया गया है। राज्य की राजधानी आइजोल में मौसम की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार 30 मई 2025 को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।</p>



<p>उधर, कर्नाटक में दीवार गिरने से एक बच्ची की मौत हो गई। मिजोरम में लगातार हो रही बारिश ने लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य में बुधवार से हो रही भारी बारिश के कारण आइजोल जिले के सभी स्कूल शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रहे। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन की भी खबरें आई हैं। आइजोल के उपायुक्त और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष लल्हारियतपुइया द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि पिछले कई घंटों से हो रही भारी बारिश के कारण आइजोल जिले के सभी स्कूलों को शुक्रवार को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। बारिश का असर राज्य के अन्य जिलों में भी देखने को मिला। लंगातलाई जिले में सबसे अधिक 112.50 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सेरछिप में 70 मिमी, कोलासिब में 63.70 मिमी और आइजोल में 63.60 मिमी बारिश हुई।</p>



<p><strong>मिजोरम में कई स्थानों पर भूस्खलन</strong></p>



<p>राज्य आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बारिश के कारण आइजोल और अन्य इलाकों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे राजमार्ग पर यातायात बाधित हुआ। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी घटना में किसी के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। शुक्रवार की सुबह आइजोल जिले के मौचर गांव में भूस्खलन से असम जैसी दिखने वाली एक इमारत बह गई। यह क्षेत्र असम और मणिपुर की सीमा के पास स्थित है। अधिकारियों ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 29 मई से 1 जून के बीच मिजोरम और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।</p>



<p><strong>तटीय कर्नाटक में आपदा की स्थिति</strong></p>



<p>तटीय कर्नाटक में भारी बारिश के कारण उल्लाल तालुका में भूस्खलन हुआ, जिसमें छह साल की एक लड़की की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मलबे में फंस गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गुरुवार को दो अलग-अलग घटनाओं में आवासीय क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ। मोंटेपदावु क्षेत्र में एक पहाड़ ढह जाने से पांच लोग मलबे में दब गए। एक अन्य घटना में, शुक्रवार सुबह मंगलुरु के डेरालकाटे इलाके में एक घर पर दीवार गिरने से छह साल की बच्ची फातिमा नईम की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।</p>
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