पंजाब विधानसभा के छह दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत श्रद्धांजलि के साथ हुई। सत्र के पहले दिन नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा समेत कई दिवंगत हस्तियों को याद किया गया। इसके साथ ही संगरूर में सड़क हादसे के दौरान जान गंवाने वाले आठ मनरेगा मजदूरों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने परविंदर सिंह झोटा के योगदान को याद करते हुए कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए उनके द्वारा दिया गया योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ झोटा का संघर्ष इतिहास के पन्नों में हमेशा याद रखा जाएगा और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस दौरान संगरूर में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आठ मनरेगा मजदूरों को श्रद्धांजलि देने के लिए सदन में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
सत्र के पहले दिन की कार्यवाही केवल नौ मिनट और छह सेकंड तक चली। इसके बाद सदन को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दूसरी ओर, सत्र शुरू होने से पहले भाजपा नेताओं ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने स्पष्ट किया कि वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।

